आज का शब्द 11-09-2023

                    सिन्धी भाषाई राजकीय उच्च माद्यमिक विद्यालय प्रतापनगर (उदयपुर) राज०

                                        11-09-2023 आज का शब्द  


            हिन्दी -  सर्वसम्मति

            अंग्रेजी -        consensus

आम राय = consensus /kənˈsɛnsəs/

मतैक्य = consensus, accord, consensus of idem

The decision was made by consensus. यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया

There is a lack of consensus among my class. मेरी कक्षा में सर्वसम्मति का अभाव है।


            संस्कृत       


 सितम्बर की महत्वपूर्ण घटनाएँ भारत में ⚡ 


1893 - शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद ने कट्टरता, सहिष्णुता और सभी धर्मों में निहित सच्चाई पर ऐतिहासिक भाषण दिया।
1906 - महात्मा गाँधी ने दक्षिण अफ़्रीका में सत्याग्रह आन्दोलन आरंभ किया।
1961 - विश्व वन्यजीव कोष की स्थापना।
2001 - अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर व पेंटागन पर आतंकवादी हमले में 6 हज़ार से अधिक लोग मरे।
2006 - भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश पी.एन. भगवती संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति में चौथी बार पुनर्निर्वाचित।2011- रक्षा वैज्ञानिकों ने बनायी 'ल्यूकोडर्मा' की अचूक हर्बल औषधि। इस हर्बल द्रव और लगाने के लिए मलहम रूप में होगी। इस दवा के व्यावसायिक उत्पादन और मार्केटिंग के लिए डीआरडीओ ने देश की एक फार्मास्यूटिकल्स कंपनी से करार किया है, जो तकनीकि हस्तांतरण से इसका उत्पादन शुरू करने जा रही है।

11 सितंबर को जन्मे व्यक्ति
1895 - विनोबा भावे- भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रसिद्ध गांधीवादी नेता।
1901 - आत्माराम रावजी देशपांडे - प्रसिद्ध मराठी साहित्यकार।
1911 - लाला अमरनाथ- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से पहला शतक जमाने वाले क्रिकेटर।
1919 - कन्हैयालाल सेठिया - आधुनिक काल के प्रसिद्ध हिन्दी व राजस्थानी लेखक।
1962 - प्रह्लाद जोशी - भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ हैं।

11 सितंबर को हुए निधन
2020 - स्वामी अग्निवेश - भारत के सामाजिक कार्यकर्ता, सुधारक, राजनेता व आर्य समाजी थे।
1921 - सुब्रह्मण्य भारती - तमिल भाषा के महान् कवि।
1948 - मुहम्मद अली जिन्ना - ब्रिटिशकालीन भारत के प्रमुख नेता और 'मुस्लिम लीग' के अध्यक्ष।
1964 - मुक्तिबोध गजानन माधव- प्रगतिशील भारतीय कवि।
1987 - महादेवी वर्मा- हिन्दी कवयित्री और हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक।




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